ब्रुसेल्स (13 अक्टूबर 26)। यूरोपीय संघ (EU) ने सोमवार को रूस के हथियार उद्योग से जुड़े करीब 1,600 रूसी व्यक्तियों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए। इनमें ऐसे लोग और कंपनियां शामिल हैं, जिन पर ड्रोन तथा मिसाइलों के पुर्जे बनाने में शामिल होने का संदेह है। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद प्रतिबंधों की इस सूची में यूक्रेन के रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों में कथित तौर पर ‘छद्म चुनाव’ कराने, उनमें काम करने या हिस्सा लेने के आरोपियों को भी निशाना बनाया गया है। EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि सूची में शामिल आधे से अधिक निशाने रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों की उत्पादन शृंखला से जुड़े हैं।
उनके अनुसार, रूस इन मिसाइलों का इस्तेमाल यूक्रेन में हमलों के लिए करता है, जिनमें नागरिकों की जान जा रही है। इस कार्रवाई का उद्देश्य रूस के हथियार उत्पादन और उससे जुड़ी आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ाना है। ड्रोन और मिसाइलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पुर्जों की आपूर्ति रोकना इस रणनीति का अहम हिस्सा है। यूरोपीय संघ ने 77 अन्य लोगों को भी प्रतिबंधों के दायरे में शामिल किया है। इन पर यूक्रेन के रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में कथित ‘छद्म चुनाव’ आयोजित करने, उनमें काम करने या भाग लेने के आरोप हैं। EU की कार्रवाई का एक उद्देश्य इन क्षेत्रों में रूस की ओर से कराई गई राजनीतिक गतिविधियों को मान्यता देने वालों पर दबाव बनाना भी है। बता दें कि रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से यूरोपीय संघ ने रूसी व्यक्तियों, कंपनियों और हथियार उद्योग से जुड़े नेटवर्क पर कई चरणों में प्रतिबंध लगाए हैं। ताजा कार्रवाई में मिसाइलों और ड्रोन के उत्पादन से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर रूस की सैन्य क्षमता को समर्थन देने वाली आपूर्ति शृंखला पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की गई है।