Sunday, 11 Oct 2026

सऊदी अरब पर हमला बर्दाश्त नहीं: भारत

नईदिल्ली (12 अक्टूबर 26)। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हूती हमलों को लेकर भारत, अमेरिका, कनाडा, पाकिस्तान और कई अन्य देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराया है, जबकि अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ संभावित जवाबी कार्रवाई में भाग लेने के विकल्प पर विचार करने की बात कही है।  भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में रियाद में पिछले कुछ दिनों के दौरान हुए लगातार हमलों पर चिंता जताई। मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में लोगों की जान गई, कई लोग घायल हुए और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। भारत ने कहा कि इस तरह के बार-बार होने वाले हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए। मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की सरकार और जनता के साथ भारत की एकजुटता भी दोहराई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रियाद में हुए हमलों के बाद सऊदी अरब की संभावित जवाबी कार्रवाई में अमेरिका के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका इस विकल्प पर विचार कर रहा है और हालिया हमले की जानकारी मिलने के बाद जल्द फैसला लिया जा सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हूती हमलों को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका संकट की इस घड़ी में सऊदी अरब के साथ मजबूती से खड़ा है। रुबियो के अनुसार, हमले में मारे गए लोगों में एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने भी हमलों पर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं और शांति स्थापित करने के प्रयासों को और कठिन बना सकती हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हूती हमलों को वीभत्स बताते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों और असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। कतर के विदेश मंत्रालय ने भी हमले को सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए नागरिकों की सुरक्षा और हवाई यातायात के लिए खतरा करार दिया। कतर ने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा खाड़ी सहयोग परिषद के सभी सदस्य देशों की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हमलों की निंदा करते हुए इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।

Tags:

Follow us

This question is not available..!