कठुआ (13 जुलाई 25)। आपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना के हमले में नेस्तनाबूद हुए सीमा पार आतंकियों के ठिकानों के बाद जहां कुछ समय के लिए सीमा पर संदिग्ध गतिविधियां बंद रहीं,वहीं अब बरसात के कारण उगे सरकंडों की आड़ का लाभ उठाने के लिए दुश्मन देश सीमा पार आतंकियों की सक्रियता फिर बढ़ने की सूचनाएं आने लगी हैं, विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार ताजा इनपुट में सांबा जिला के उस पार पाकिस्तान के जिला नारोवाल के बडाला गुजरां स्थित एक मस्जिद में जैश-ए-मोहम्मद के 7 आतंकी के पिछले कुछ दिनों से हैं,जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा है।
प्राप्त सूचनाओं के अनुसार उपरोक्त आतंकियों के दल की भैरवनाथ क्षेत्र के पास आयोजित होने वाले मेले में भीड़ की आड़ में घुसपैठ की संभावना जताई गई, हालांकि इससे पहले इधर भारतीय क्षेत्र में सुरक्षा बल पूरी तरह से मुस्तैद है, जो दुश्मन के किसी भी ऐसी नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने में तैयार बैठे हैं। सीमा पार आतंकियों के दल इस समय बरसात के कारण उगे सरकंडों की आड़ में घुसपैठ की ताक में रहते हैं, इस समय सीमा से लेकर कठुआ व सांबा जिला में पहाड़ों तक बरसात के कारण घास, झाड़ियों और सरकंडों की लंबाई बढ़ गई है, इसी के चलते पिछले 3 सप्ताह से कठुआ व सांबा जिला के सीमा से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों में संदिग्ध दिखने की सूचनाएं भी आ रही हैं, उधर इसी बीच 3 दिन पहले गृह मंत्रालय की टीम ने हीरानगर सीमांत क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा की समीक्षा भी की है। उसके साथ ही वहां तैनात सुरक्षा बल भी लगातार तलाशी अभियान भी चला रहे हैं।
हालांकि पहाड़ी क्षेत्र में अब बिलावर और बनी में सेना के बिग्रेड की तैनाती से मल्हार बदनोता और बनी में संदिग्ध गतिविधियां कम हुई हैं, बिलावर के पहाड़ी क्षेत्र में सेना की तैनाती से अब संदिग्धों की हलचल बिलावर के उज्ज तक और वहां से डायवर्ट होकर अब बदनोता मल्हार वाले रूट की बजाय बसंतगढ़ ऊधमपुर तक देखी जा रही है। सूचना के अनुसार मल्हार का स्थानीय जो आतंकियों के लिए अभी भी गाइड का काम करता है, जो सीमा से लेकर पहाड़ तक पहुंचने में आतंकियों की मदद करता है। हालांकि उक्त क्षेत्र में आतंकियों के लिए स्थानीय गाइड के तौर पर काम करने वाले सुरक्षा बलों द्वारा दर्जन से ज्यादा लोग पकड़े भी जा चुके हैं।