इंदौर (02 नवंबर 25)। देवउठनी ग्यारस पर शनिवार को शहर में एक बड़ा हादसा हो गया। केट रोड़ पर स्थित एक केमिकल फेक्ट्री में अचानक लगी आग से वहां पर मौजूद दो महिला मजदूरों की जिंदा जलने से मौत हो गई। फायर बिग्रेड की टीम ने एसडीआरएफ की मदद से आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि शाम को दीपक लगाने के दौरान यह हादसा हो गया। वहां काम कर रहे अन्य मजदूर और बच्चे तो भाग गए, लेकिन दो महिलाएं नहीं भाग पाई।
फायर बिग्रेड से मिली जानकारी के अनुसार शाम साढ़े बजे सूचना मिली थी कि केट रोड पर स्थित स्वास्तिक इंटरप्राइजेस में आग लग गई थी। सूचना मिलते ही टीम वहां पर पहुंची। वहां पर पता चला कि दो महिलाएं अंदर ही रह गई थी। केमिकल रखा होने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। करीब 40 टेंकर पानी की मदद से आग पर काबू पाया गया। बाद में सर्च अभियान चलाया गया तो दो महिलाओं के जले हुए शव मिले है। एडीसीपी आलोक शर्मा के अनुसार फैक्ट्री मालिक सूरज भगवानी है। दोनों मृतिकाओं की शिनाख्त रामकली बाई 50 निवासी रंगवासा और ज्योति पति मनोज नीम 38 निवासी द्वाराकापुरी के रूप में हुई है। उनके परिजन को सूचना दी गई है।
दीपक जलाया और आग भड़की-प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सूरज ने यह गोडाउन किराए पर लिया हुआ था। यहां पर ड्रमों में बड़ी मात्रा में थिनर भरा हुआ था। शनिवार को देव उठनी ग्यारस के चलते शाम को मजदूर दीपक जला रहे थे। इसी दौरान अचानक से आग भड़क गई। उस दौरान करीब आधे दर्जन से अधिक लोग वहां पर थे। पहले रामकली बाई के कपड़ों में आग लगी। लेकिन ज्योति उसे बचाने में लगी। इस दौरान दूसरे लोग वहां से भाग गए। वहां पर कुछ बच्चे भी थे। जो भागने की वजह से बच गए, नहीं तो ज्यादा लोगों हताहत हो जाते।
एसडीआरएफ ने चलाया सर्च अभियान- इधर सूचना मिलने पर अपनी टीम के साथ एसडीआरएफ डिस्ट्रिक्ट कमान्डेंट राजेश जैन और प्लाटून कमांडर सुमित खरे पहुंचे। उनकी टीम ने सर्च अभियान चलाया। पहले कहा गया कि अंदर तीन लोग है। लेकिन करीब 10 हजार फीट पर बनी इस फैक्ट्री में तलाशने के बाद केवल दो लोगों के ही शव मिले। एसडीआरएफ की तरफ से शैलेन्द्र सिंह परिहार,शाश्वत मंडलोई,राहुल गुप्ता, विष्णु चौहान ,सचिन मालिक, मोहित शर्मा,आशीष धुलेटिया,अर्जुन भानूपा, दिनेश धानेरा शामिल थे।