खारकीव (12 अक्टूबर 26)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने 60 दिन के पूर्ण युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि यदि रूस दो महीने तक युद्ध रोकने पर सहमत होता है, तो यूक्रेन में चुनाव कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही जेलेंस्की ने संकेत दिया कि यदि मॉस्को यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले बंद कर देता है, तो कीव भी रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाना रोक सकता है।
जेलेंस्की का यह प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूक्रेन पर युद्ध समाप्त करने और रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने के बढ़ते दबाव के बीच आया है। हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते के लिए रूस की ओर से ठोस कदम और विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी जरूरी हैं।
अमेरिकी समाचार चैनल एबीसी के कार्यक्रम ‘दिस वीक’ में बातचीत के दौरान जेलेंस्की ने पुतिन से 60 दिन के पूर्ण युद्धविराम पर सहमत होने की अपील की। उन्होंने कहा “कृपया पुतिन से कहें, हमें दो महीने दें-60 दिन का पूरा युद्धविराम-और हम चुनाव कराएंगे।”
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन में चुनाव कराने का फैसला वहां के नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का सम्मान करते हुए कहा कि देश के नेता का चुनाव करना यूक्रेनी समाज और वहां के लोगों का काम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन के नागरिक जो भी फैसला करेंगे, उसे स्वीकार किया जाएगा। दरअसल, रूस के फरवरी 2022 में पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू है। इसके तहत चुनाव कराने पर कानूनी पाबंदियां हैं। यूक्रेनी सरकार का कहना है कि युद्ध के दौरान देशभर में मतदान कराना सुरक्षा और व्यवस्थागत चुनौतियों के कारण बेहद मुश्किल है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यूक्रेन में नए राष्ट्रपति की जरूरत बताते हुए जेलेंस्की की आलोचना की थी। ट्रंप ने कहा था कि यूक्रेन को अब नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए। उन्होंने रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों को रोकने की मांग करते हुए कहा कि जेलेंस्की को ये हमले हर हाल में बंद करने चाहिए। ट्रंप मॉस्को और कीव के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, जेलेंस्की का रुख है कि रूस पर दबाव कम करने वाली किसी भी एकतरफा रियायत से यूक्रेन की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उनका कहना है कि युद्ध समाप्त करने के लिए रूस को भी ठोस कदम उठाने होंगे।