नईदिल्ली (13 अक्टूबर 26)। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को बताया कि दिल्ली में मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के दौरान गड़बड़ियों के कारण जिन लगभग 33 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे, उनमें से करीब 20 लाख मतदाताओं से जुड़े मामलों का समाधान कर लिया गया है। CEO ने कहा कि मतदाता सूची में लगभग 33 लाख प्रविष्टियां 'लॉजिकल विसंगति' या 'अन-मैप्ड' श्रेणी में थीं। हमने इन मुद्दों को सुलझाने के लिए एक सक्रिय अभियान शुरू किया था। अब तक, 33 लाख में से लगभग 20 लाख मामलों का समाधान किया जा चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं को यह भी भरोसा दिलाया गया कि यदि उन्हें संशोधन प्रक्रिया के संबंध में कोई शिकायत है, तो वे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसमें आगे कहा गया, 'यदि किसी व्यक्ति को कोई शिकायत है, तो कृपया बेझिझक 14,947 BLO, 902 AERO, 70 ERO, 13 DEO या CEO में से किसी से भी संपर्क करें। किसी भी पात्र मतदाता को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाएगा। चल रही SIR प्रक्रिया के तहत, दिल्ली में लगभग 33 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। ये नोटिस उनके द्वारा गणना प्रपत्रों में दी गई जानकारी में पाई गई विसंगतियों के कारण जारी किए गए थे। ये नोटिस मतदाताओं को विसंगतियों को स्पष्ट करने और 'दावे और आपत्तियों' की प्रक्रिया के दौरान सहायक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर देने के लिए जारी किए गए थे।
अधिकारी ने बताया कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सूची में कई प्रमुख हस्तियां और विभिन्न आयु समूहों के मतदाता शामिल हैं। पूर्व उप प्रधानमंत्री एल.के. आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू उन प्रमुख हस्तियों में शामिल थे, जिन्हें इस प्रक्रिया के दौरान दी गई जानकारी में विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किए गए थे। 97 लाख से अधिक मतदाताओं वाली मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होने के बाद, उन 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे थे जिनकी दी गई जानकारी में विसंगतियां पाई गई थीं। इनमें से ज़्यादातर नोटिस इसलिए जारी किए गए क्योंकि वोटरों द्वारा दी गई जानकारी 2002 में हुए पिछले 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (विशेष गहन समीक्षा) के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती थी।
हालाँकि, नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि वोटर का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। इस प्रक्रिया से वोटरों को अपनी जानकारी स्पष्ट करने और संबंधित चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को ज़रूरी सहायक दस्तावेज़ जमा करने का मौका मिलता है। नोटिस का जवाब देने और सहायक दस्तावेज़ जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर थी। दिल्ली में अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जानी है।