नईदिल्ली (14 अक्टूबर 26)। केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया और कहा कि वह तमिलनाडु लौटकर राज्य में भाजपा को मजबूत करना चाहते हैं। मुरुगन के इस कदम से केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल किये जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। यह मंत्रिपरिषद से किसी राज्य मंत्री के इस्तीफे का तीसरा मामला है। इससे पहले जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू ने क्रमशः जून और जुलाई में इस्तीफा दिया था। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। मुरुगन सितंबर 2021 से राज्यसभा के सदस्य हैं और अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से उच्च सदन के लिए दोबारा निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 में समाप्त होगा। मंत्री ने कहा कि वह राज्यसभा की सदस्यता छोड़ना चाहते हैं।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश से दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। हालांकि, वह केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बने हुए हैं। इसी तरह, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री बी एल वर्मा को भी उच्च सदन के चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया था। वह भी अपने पद पर बने हुए हैं। दो अन्य राज्य मंत्री पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा, जिन्हें हाल के महीनों में क्रमशः उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भाजपा की इकाइयों का अध्यक्ष बनाया गया था, दोनों जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुरुगन ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा कि उनके नेतृत्व में 'भारत माता' और तमिलनाडु की सेवा करना उनके जीवन का 'सबसे बड़ा सम्मान' रहा है। उन्होंने कहा, 'विनम्रता और कृतज्ञता के साथ मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि मुझे राज्य मंत्री के रूप में मेरी जिम्मेदारी से मुक्त कर दें और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति दें, ताकि मैं तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरा समय समर्पित कर सकूं।'
मुरुगन ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री से मंत्रिपरिषद और राज्यसभा से मुझे मुक्त करने का अनुरोध किया है, क्योंकि मैं तमिलनाडु जाकर अपनी पार्टी को मजबूत करना चाहता हूं।' उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में मैंने कहा है कि मैं गांवों, गलियों और हर जगह जाकर अपनी पार्टी को मजबूत करना चाहता हूं और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए जमीन तैयार करना चाहता हूं।' उन्होंने कहा, 'अब मैं जमीनी स्तर पर लौटना चाहता हूं, अपने 'कार्यकर्ताओं' के साथ खड़ा रहना चाहता हूं और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए पूरा समय समर्पित करना चाहता हूं। राष्ट्र पहले, पार्टी उसके बाद और स्वयं सबसे आखिर में।' उन्होंने पत्र में लिखा, 'पिछले पांच वर्षों से आपकी सरकार में सेवा करने का सम्मान दिए जाने के लिए मैं गहरी कृतज्ञता के साथ यह अनुरोध कर रहा हूं। दिहाड़ी मजदूरों के बेटे पर आपने जो भरोसा जताया, वह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य बना रहेगा। अब मैं अपने लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच अथक मेहनत करके उस भरोसे पर खरा उतरने के लिए आपका आशीर्वाद चाहता हूं।'