नईदिल्ली (25 अगस्त 24)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की तीन व्यापक योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दे दी जिनका ‘विज्ञान धारा' नामक एकीकृत केंद्रीय क्षेत्र योजना में विलय कर दिया गया है। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की 2021-22 से 2025-26 की अवधि के दौरान विज्ञान धारा के लिए प्रस्तावित परिव्यय 10,579 करोड़ रुपये है। इस योजना के तीन व्यापक घटक हैं जिनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थागत और मानव क्षमता निर्माण; अनुसंधान और विकास तथा नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास एवं तैनाती शामिल हैं। इस योजना के तहत 10वीं और 12वीं के छात्र इंटर्नशिप कर सकेंगे।
इसके अलावा, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के ‘उच्च प्रदर्शन वाले बायोमैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बायोई थ्री (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति' के प्रस्ताव को मंजूरी दी। बायोई थ्री नीति की मुख्य विशेषताओं में विषयगत क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास और उद्यमिता को नवाचार-संचालित समर्थन शामिल है। यह बायोमैन्युफैक्चरिंग और बायो-एआई हब और बायोफाउंड्री की स्थापना करके प्रौद्योगिकी विकास और व्यावसायीकरण में तेजी लाएगा।