वाराणसी (09 अक्टूबर 26)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर उन पर बृहस्पतिवार को निशाना साधा और आरोप लगाया कि उनकी अराजकतावादी मानसिकता है तथा वह समाज में 'जहर' फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। नबीन की यह टिप्पणी कांग्रेस नेता द्वारा बुधवार को 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं के प्रदर्शन का नेतृत्व करने और पुलिस द्वारा कई सांसदों के साथ उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद आई। नबीन ने कहा, मैं केवल इतना कह सकता हूं कि उनकी मानसिकता 'अराजकतावादी' है और वे समाज में जहर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर उन्हें ऐसी आपत्ति थी तो केरल में भी चुनाव उसी निर्वाचन आयोग ने कराए थे। तमिलनाडु में भी चुनाव उसी निर्वाचन आयोग ने कराए थे, जहां वे सत्ता में आए हैं।
नबीन ने कहा, 'अगर राहुल गांधी में हिम्मत है तो उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए। लोग देख रहे हैं कि वह किस तरह यह खेल खेल रहे हैं।' नवीन ने नेता प्रतिपक्ष पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, जो लोग अलग-अलग जगहों से भारत आते हैं और यहां के लोगों के अधिकार छीनते हैं, उनका विरोध किया जा रहा है। मेरा मानना है कि भारत के लोगों का देश के संसाधनों, संपत्ति और जमीन पर अधिकार है। हम घुसपैठियों को इन अधिकारों पर दावा नहीं करने देंगे। भाजपा भारत में 'विदेशी मानसिकता' वाले लोगों को बसाने की किसी भी कोशिश का हमेशा विरोध करेगी। कांग्रेस, 'द इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित एक खबर के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। खबर में कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। इनमें से ज्यादातर आपत्तियां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर थीं। अपने दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाई गई आपत्तियों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे निर्वाचन आयोग का कहना है कि किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय होना सामान्य बात है तथा उसके सभी आदेशों को पूर्ण कानूनी समर्थन प्राप्त है और वे स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं।