कोलकाता (01 अप्रैल 26)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच मंगलवार को कोलकाता स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर भाजपा औरतृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार टकराव हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करना पड़ा। वरिष्ठ अधिकारी भी हालात काबू में करने के लिए मौके पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि पूरा मामला फॉर्म-6 को लेकर शुरू हुआ, जिसका इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए किया जाता है। टीएमसी समर्थकों का आरोप है कि एक व्यक्ति बड़ी संख्या में फॉर्म-6 लेकर चुनाव आयोग कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उन्हें शक हुआ कि यह प्रक्रिया नियमों के खिलाफ है, जिसके बाद उन्होंने उस व्यक्ति को पकड़ लिया और कार्रवाई की मांग को लेकर वहीं धरने पर बैठ गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को हिरासत में ले लिया, लेकिन तब तक माहौल काफी तनावपूर्ण हो चुका था। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक भी वहां पहुंच गए। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता पुलिस बैरिकेड के दोनों ओर आमने-सामने खड़े हो गए और जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ता प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसकर उनके लोगों के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। वहीं टीएमसी की ओर से दावा किया गया कि भाजपा समर्थकों ने उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। इस दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि कई जगहों पर धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। इस विवाद से एक दिन पहले टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि फॉर्म-6 के जरिए बाहरी राज्यों के लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की जांच और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग भी की थी।