Tuesday, 06 Oct 2026

जनजातियों के विकास का नया अध्याय: सीएम

खंडवा (06 अक्टूबर 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने प्रजा के सुख को ही अपना धर्म माना था। उनका शासनकाल कृषि, जल प्रबंधन और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। यह रानी दुर्गावती की प्रशासनिक दक्षता का ही कमाल था कि गोंड साम्राज्य के हजारों गांव समृद्धि का केंद्र बन गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती अदम्य साहस, अटल स्वाभिमान और शक्ति की प्रतीक थीं। उन्होंने जीवनकाल में 52 युद्ध लड़े और 51 में विजय प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती के दिखाए मार्ग पर चलकर हमारी सरकार प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण और विकास का एक नया अध्याय लिख रही है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खंडवा जिले के हरसूद के ग्राम छनेरा में हुए वीरांगना रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती उत्सव एवं तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण तथा पंच कलश के जरिये गोगोपूजन एवं बड़ादेव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के इतिहास में पहली बार गोंडवाना साम्राज्य के तत्कालीन 52 गढ़ों के राजशासकों के वर्तमान वंशजों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन राजवंशजों को साफा पहनाकर तथा खड्ग एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। डॉ. यादव ने यहां खंडवा जिले के साथ बुरहानपुर, बड़वानी, खरगौन, देवास और हरदा के 3 लाख 54 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 21 करोड़ 34 लाख रुपए से अधिक की बोनस राशि का वितरण किया। इसमें खंडवा के 32 हजार 846 तेंदूपत्ता संग्राहक भी शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने खंडवा वन मंडल क्षेत्र की 56 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के 26 हजार 400 से अधिक हितग्राहियों को 4 करोड़ 58 लाख रुपए के काष्ठ लाभांश की राशि भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने खंडवा जिले में लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत से 18 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमे लगभग 48 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न हाई स्कूल भवनों और छात्रावासों के साथ लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से खालवा में खेल परिसर का भूमिपूजन के साथ ही 68 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत से 3 सामुदायिक एवं सांस्कृतिक भवनों की सौगात भी शामिल है।

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास ऊइके ने कहा कि पहली बार हमें इतिहास का सिंहावलोकन करने का अवसर मिला है। देश में 2014 के बाद बड़ा बदलाव आया है। केंद्रीय मंत्री ने रानी दुर्गावती के जीवन पर केंद्रित एक स्वलिखित गीत भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में महेंद्र प्रताप सिंह जूदेव (नर्मदापुरम), महेंद्र शाह (बरहेटा नरसिंहपुर), डॉ. हेमराज सिंह (जागीरदेवरी रायसेन), अमरजीत सिंह (उदयपुरा रायसेन), रंजना सिंह (मदनपुर नरसिंहपुर), दमयंती सिंह (दियागढ़ जबलपुर), यशवंत सिंह जूदेव (बिलोनिया नरसिंहपुर), विमलेश ठाकुर (दमोह), राजा वीरेंद्र शाह (देवगढ़ छिंदवाड़ा), डॉ. योगेश्वर सिंह (सिहोरा बघेलगढ़), गरिमा सिंह (मदनपुर), अर्चना सिंह कसदे (उमरिया), अभिजीत शाह (हरदा),  ठाकुर (गोटेगांव नरसिंहपुर) तथा अन्य गढ़ों से आए राजवंशजों का भी सम्मान हुआ। कार्यक्रम में विधायक नारायण पटेल, कंचन तनवे, छाया मौरे, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े, महापौर अमृत अमर यादव, पूर्व महापौर भावना शाह, दिव्यादित्य शाह एवं अंबाराम कराड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

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