नईदिल्ली (29 जून 24)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) के अंतर्गत बैंकों द्वारा प्रस्तुत ब्याज अनुदान दावों के निपटान की प्रक्रिया को स्वचालित और तेज करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डीएएंडएफडब्ल्यू) और नाबार्ड द्वारा संयुक्त रूप से विकसित वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, नाबार्ड के अध्यक्ष, किसान कल्याण विभाग और बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मोदी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि अवसंरचना कोष को पीएम मोदी द्वारा 1 लाख करोड़ रुपये की फंडिंग के साथ लॉन्च किया गया था ताकि फसलों के भंडारण की क्षमता बढ़ाई जा सके और किसानों के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि नए लॉन्च किए गए क्रेडिट दावों के स्वचालन से दावों का निपटान एक दिन के भीतर सुनिश्चित हो जाएगा, जो अन्यथा मैन्युअल निपटान के लिए महीनों लगते थे। उन्होंने कहा कि इस कदम से पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी और भ्रष्ट तरीकों पर रोक लगेगी। चौहान ने कहा कि किसानों के अनुभव साझा करने वाले नए पोर्टल से किसान समुदाय एक-दूसरे के अनुभवों से लाभान्वित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कई किसान स्वयं प्रयोग कर रहे हैं और उनकी सफल कहानियों को दूसरों के लिए अनुकरणीय बनाने के लिए आगे लाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज तक कृषि अवसंरचना कोष के तहत 67,871 परियोजनाओं के लिए ₹43,000 करोड़ पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं, ₹72,000 करोड़ के निवेश को जुटाया गया है। इसके अतिरिक्त, बैंक ब्याज सबवेंशन दावों के त्वरित निपटान की उम्मीद कर सकते हैं।