न्यूयार्क (27 सितंबर 26)। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखने का मजबूत संदेश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य दुनिया में शांति और सुरक्षा स्थापित करना ही था।
विदेश मंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि इसके बावजूद आज भी संघर्ष और टकराव दुनिया की सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं। उन्होंने शांति की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि शांति बनाए रखने में नाकामी से न केवल सुरक्षा कमजोर होती है, बल्कि विकास और प्रगति की रफ्तार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आज की वैश्वीकृत दुनिया में किसी एक हिस्से में होने वाले युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। समुद्री सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ. जयशंकर ने साफ किया कि अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरते समय कमर्शियल शिपिंग और समुद्री कर्मचारियों (सीफॉरर्स) को निशाना बनाना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
यूक्रेन में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि यह जंग अब पांचवें साल में प्रवेश कर चुकी है, जो कि अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथनों का हवाला देते हुए दुनिया से आह्वान किया कि अब इस अंतहीन युद्ध की समाप्ति होनी चाहिए।