नईदिल्ली (21 मई 24)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लालू यादव की पार्टी राजद और इंडिया गठबंधन पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार को जंगल राज से बाहर लाने के लिए कितना मेहनत करना पड़ा। इससे बिहार का कितना नुकसान हुआ। लालू-राबड़ी के शासनकाल में जंगल राज के कारण बिहार में प्रति व्यक्ति आय 14,209 हो गया था, जबकि फिलहाल 37,000 प्रति व्यक्ति आय है।
वित्त मंत्री ने कहा कि 1991 से पहले बिहार का पर कैपिटा इनकम उड़ीसा से ऊपर था, लेकिन 1991 से लेकर 2002 तक बिहार का पर कैपिटा इनकम 33 प्रतिशत कम हुआ। फिर 2002 से 2019 तक पर कैपिटा इनकम में सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि अगर जंगल राज नहीं रहता तो बिहार का पर कैपिटा इनकम 95 हजार प्लस के करीब रहता। जंगल राज मिटाने के बाद एनडीए सरकार को 5 प्रतिशत का ग्रोथ मेंटेन करने के लिए परिश्रम करना पड़ा है। आगे निर्मला सीतारमण ने कहा कि इंडिया गठबंधन एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण छीन कर धर्म के आधार पर देना चाहती है। कर्नाटक की सरकार ने ओबीसी का आरक्षण कम करके मुस्लिम समाज को आरक्षण देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि बिहार को केंद्र सरकार ने बिना भेदभाव के सब कुछ दिया है। बिहार के 1 लाख 16 हजार स्ट्रीट वेंडर को स्वनिधी योजना से लाभान्वित किया।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्व के राज्यों का विकास का इंजन बनना चाहती है, जिसमें बिहार झारखंड बंगाल शामिल हैं। बिहार को राजद नेताओं ने बर्बाद किया, जिसके कारण बिहार का विकास नहीं हुआ। बिहार से उद्योग लालू प्रसाद यादव के शासनकाल से बाहर चले गए। लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में उद्योग का गलत कानून था जिस कारण से उद्योगपति बिहार को छोड़कर बाहर चले गए। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के विषय पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बिहार राज्य को विशेष राज्य का दर्जा मिलेगा या नहीं मिलेगा यह आगे की चर्चा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी ने द्रौपदी मुर्मू, रामनाथ कोविंद और अब्दुल कलाम आजाद को सम्मान दिया। 60% लोग नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में ओबीसी समाज से आने वाले हैं। कांग्रेस ने भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न भी नहीं दिया, जबकि नॉन कांग्रेस गवर्नमेंट ने यह काम किया।