पेशावर (28 जुलाई 26)। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान पाकिस्तानी सेना का क्रूर चेहरा खुलकर सामने आ गया है। चुनाव दौरान कई स्थानों से हिंसा, झड़पों और चुनावी गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। मतदान के बीच भींबर, कोटली और रावलाकोट समेत कई इलाकों में तनाव की स्थिति बनी रही, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय संगठनों और कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हुआ। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान रेंजर्स की फायरिंग में 19 प्रदर्शनकारियों की मौत और कई लोगों के घायल होने का दावा किया गया है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तान सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से इस संख्या की पुष्टि नहीं की गई है। भींबर जिले के एक मतदान केंद्र पर विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, इस दौरान एक बैलेट बॉक्स छीनकर उसमें आग लगा दी गई, जिससे उसमें रखे मतपत्र जल गए। चुनाव अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर पुनर्मतदान पर निर्णय लिया जाएगा। कोटली जिले के नकयाल क्षेत्र में भी हिंसा हुई। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने दावा किया कि उसके कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की झड़प के दौरान मौत हो गई। पार्टी ने राजनीतिक विरोधियों पर आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है।