नईदिल्ली (26 जून 26)। पंजाब में आई भीषण बाढ़ को अब स्कूली पढ़ाई का हिस्सा बना दिया गया है। NCERT ने 9वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की नई किताब में पंजाब की बाढ़ को ‘केस स्टडी’ के रूप में शामिल किया है। इसका मकसद छात्रों को यह समझाना है कि प्राकृतिक आपदाएं लोगों की जिंदगी, खेती, पशुधन और सड़कों-पुलों जैसी बुनियादी सुविधाओं पर कितना असर डालती हैं।
यह केस स्टडी ‘Understanding Society: India and Beyond-Grade 9 Part 1’ किताब में दी गई है। इसे पारंपरिक सवाल-जवाब की बजाय वर्कशीट मॉडल में तैयार किया गया है, ताकि छात्र खुद जानकारी जुटाकर इस विषय को बेहतर ढंग से समझ सकें। किताब के मुताबिक, 2025 के मानसून के दौरान पंजाब में बहुत अधिक बारिश हुई थी। इसके साथ ही सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का जलस्तर बढ़ गया, जिससे कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए। इस बाढ़ से सैकड़ों गांव, रिहायशी इलाके और हजारों एकड़ फसल प्रभावित हुई। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत कैंपों में शरण लेनी पड़ी। पशुधन को भी नुकसान हुआ, जबकि सड़कें, पुल और सीमा पर लगी बाड़ तक प्रभावित हुई। NCERT ने इस केस स्टडी के जरिए सिर्फ बाढ़ की घटना का जिक्र नहीं किया है, बल्कि आपदा प्रबंधन की जरूरत को भी समझाने की कोशिश की है। छात्रों को एक गतिविधि के तहत डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के पोस्टर का अपनी मातृभाषा में अनुवाद करने के लिए कहा गया है, ताकि वे इसे आसानी से समझ सकें।