रांची (10 अगस्त 26)। झारखंड में 14वीं JPSC पीटी परीक्षा को लेकर विवाद के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों के इस्तीफे की खबर सामने आई है। आयोग की सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया है। गवर्नर हाउस ने कंफर्म किया है कि सदस्यों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। JPSC सदस्यों के इस्तीफे की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब एक ओर परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं और दूसरी ओर राज्य सरकार के साथ उनकी मांगों को लेकर बातचीत का तीसरा दौर चल रहा था। ऐसे में इस्तीफे ने पूरे मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है। छात्रों की ओर से कथित वित्तीय लेन-देन की ED से जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन और 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने जैसी मांगें भी रखी गई हैं। हालांकि, CGL परीक्षा रद्द करने की मांग को सरकार ने स्वीकार नहीं किया। सरकार का तर्क है कि यह परीक्षा सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की निगरानी में आयोजित हुई थी। परीक्षा रद्द करने के बजाय सरकार ने एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाने का प्रस्ताव दिया है। लेकिन छात्रों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। छात्रों और सरकार के बीच बातचीत में अधिकांश मांगों पर सहमति बनने के बावजूद एक अहम मुद्दे पर गतिरोध कायम है। यही वह मांग है जिसे छात्र लंबे समय से उठाते आ रहे हैं और जिस पर सरकार फिलहाल पीछे हटने को तैयार नहीं है। ऐसे में JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा इस पूरे विवाद के बीच एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस्तीफे की खबर उस वक्त सामने आई, जब छात्र प्रतिनिधिमंडल सरकार के साथ बातचीत कर रहा था।