Monday, 28 Sep 2026

CJP प्रोटेस्ट में घायल पुलिसवालों के परिवारवालों का दर्द

नईदिल्ली (31 जुलाई 26)। बीते दिनों दिल्ली में हुए CJP प्रोटेस्ट के संसद चलो प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शकारियों और  पुलिस वालों के बीच झड़प हुई। इस दौरान कई पुलिस वाले घायल हुए। इस संबंध में शुक्रवार घायल पुलिसकर्मियों को परिवारवालों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना दर्द साझा किया है। उन्होंने आंदोलनकारियों के रवैया पर गुस्सा जताया है। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिजनों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि, 'जब मेरे पिता उस दिन ड्यूटी के बाद घर लौटे, तो उनकी खाकी वर्दी खून से पूरी तरह लाल थी। उनके सिर और हाथों पर गंभीर चोटें थीं।' दिल्ली पुलिस एसीपी की पत्नी अवनीत कौर ने बताया कि, '20 जुलाई की रात जब मेरे पति घायल अवस्था में घर पहुंचे, तो उनकी हालत देखकर मेरी रूह कांप गई। वह दृश्य मेरे और हमारी 2 साल की बेटी के लिए बेहद दर्दनाक और ट्रॉमेटिक था। मेरी मासूम बेटी अपने पिता को उस हालत में देखकर सहम गई थी।' दिल्ली पुलिस एसीपी पर हुए हमले को लेकर पत्नी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, 'लोग यह भूल जाते हैं कि एक पुलिस अधिकारी सिर्फ एक अकेला इंसान या वर्दी नहीं होता। उसके पीछे उसका एक परिवार होता है-उसकी पत्नी, छोटे बच्चे और बूढ़े माता-पिता, जो हर पल घर पर उसके सुरक्षित लौटने का इंतजार करते हैं।' रोते- रोते घायल सब- इंस्पेक्टर की बेटी ने बताया, 'मेरे पिता बैरिकेड्स पर तैनात थे, जहां बहुत भारी भीड़ मौजूद थी। पापा अक्सर घर पर बताते थे कि अब यह सिर्फ छात्रों का आंदोलन नहीं रह गया है, इसमें कुछ असामाजिक तत्व घुस चुके हैं। 25 तारीख को प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने मेरे पिता को जबरन खींच लिया और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। उन्हें लगभग मार ही डाला गया था। हमले के बाद वे 4 घंटे से भी ज्यादा समय तक मौके पर बेहोश पड़े रहे। बाद में जब उनकी टीम के लोग उन्हें किसी तरह बचाकर घर लाए, तो उनकी पूरी वर्दी खून से लथपथ थी। एक तरफ मेरे पिता अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे, उनकी वर्दी खून से सनी हुई थी, लेकिन जब मैंने सोशल मीडिया खोला तो देखकर दंग रह गई। सोशल मीडिया पर मेरे पिता को ही एक अपराधी और विलेन की तरह पेश किया जा रहा था।'










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