Tuesday, 29 Sep 2026

CJP और केंद्र सरकार के बीच हुई अहम बैठक

नईदिल्ली (24 जुलाई 26)। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच आज दिल्ली स्थित 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब' के वीपी भवन में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। करीब 50 मिनट तक चली इस बातचीत में सीजेपी ने सरकार के सामने अपनी तीन मुख्य मांगें रखीं। बैठक के दौरान सीजेपी के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्रियों को अपना औपचारिक मांग पत्र भी सौंपा।

इस बैठक में केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास शामिल हुए। बैठक खत्म होने के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रेस को संबोधित करते हुए मांगों और सरकार के जवाब की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा, नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी के दौरान मानसिक तनाव में आकर जान गंवाने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई थी। सरकार ने इस मांग पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वहीं आंदोलन और प्रदर्शन के दौरान छात्रों व प्रदर्शनकारियों पर दर्ज की गई सभी प्राथमिकियों (FIR) और कानूनी मामलों को रद्द करने की मांग रखी गई जिस पर भी सरकार तुरंत राजी हो गई है। इसके साथ ही सीजेपी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर करने की मांग रखी। इस विषय पर सरकार के प्रतिनिधियों ने शनिवार (कल) दोपहर तक का समय मांगा है।

वहीं आंदोलन और प्रदर्शन के दौरान छात्रों व प्रदर्शनकारियों पर दर्ज की गई सभी प्राथमिकियों (FIR) और कानूनी मामलों को रद्द करने की मांग रखी गई जिस पर भी सरकार तुरंत राजी हो गई है। इसके साथ ही सीजेपी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर करने की मांग रखी। इस विषय पर सरकार के प्रतिनिधियों ने शनिवार (कल) दोपहर तक का समय मांगा है। इस मौके पर बातचीत करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, सरकार के साथ सकारात्मक माहौल में 10 मिनट बातचीत हुई। हमारी दो प्रमुख मांगों, 'मुआवजे और मुकदमों की वापसी' पर सरकार ने तुरंत सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कल दोपहर तक का वक्त मांगा गया है। हमें उम्मीद है कि सरकार इस पर भी जल्द उचित फैसला लेगी।

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