बेंगलुरु (24 सितंबर 24)। भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने 2023 में चंद्रमा पर अपनी सफल यात्रा के बाद भी नई खोजें जारी रखी हैं। प्रज्ञान रोवर द्वारा चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र से प्राप्त डेटा ने एक प्राचीन गड्ढे की खोज की है। प्रज्ञान रोवर ने चंद्रमा के अपने लैंडिंग स्थल के पास 160 किलोमीटर चौड़े एक प्राचीन दबे हुए गड्ढे की खोज की है। यह गड्ढा दक्षिणी ध्रुव-ऐटकेन बेसिन के निर्माण से पहले बना था, जिससे यह चंद्रमा की सबसे पुरानी भूवैज्ञानिक संरचनाओं में से एक माना जा रहा है। प्रज्ञान रोवर ने ऊंचे भूभाग को पार करते समय यह गड्ढा खोजा, जो दक्षिणी ध्रुव-ऐटकेन बेसिन से लगभग 350 किलोमीटर दूर है। इस गड्ढे की संरचना की जानकारी प्रज्ञान रोवर के नेविगेशन और ऑप्टिकल हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों द्वारा ली गई छवियों से प्राप्त हुई है। यह जानकारी चंद्रमा के भूवैज्ञानिक इतिहास के अध्ययन में सहायक है।