Tuesday, 29 Sep 2026

12,670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण में उन्नयन का निर्णय

भोपाल (22 अक्टूबर 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में वर्तमान में संचालित 12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र में उन्नयन किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का प्रावधान है। निर्णय अनुसार इन मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों के उन्नयन के बाद एक पद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं एक पद आंगनवाड़ी सहायिका का होगा। उन्नयित 25 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर एक पर्यवेक्षक के मान से कुल 476 पर्यवेक्षक के पद स्वीकृत किये गये। केन्द्र सरकार के निर्धारित मापदण्ड उन्नयित आंगनवाड़ी केन्द्रों पर लागू होंगे।

मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्रों में उन्नयन किए जाने पर केन्द्रांश राशि रूपये 3401.90 लाख एवं राज्यांश राशि 17945.82 लाख होगा। 

मंत्रि-परिषद् द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य अंतर्गत बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (संशोधित 2019) की धारा 4 एवं 6 के तहत "Scheme for Care and Support to Victims under Section 4 & 6 of the Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012" को प्रदेश के 55 जिलों में लागू किया गया है। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में स्वीकृत कुल 454 स्वास्थ्य संस्थाओं में कुल 6388 नवीन पदों (5936 नियमित एवं 452 संविदा) के सृजन की स्वीकृति दी। इसके अतिरिक्त 1589 आउट सोर्सिंग एजेन्सी से कार्य पर रखे जाने की स्वीकृति भी दी गई। मंत्रि-परिषद् द्वारा 1 जनवरी 2016 के पूर्व एवं 01/01/2016 को या इसके उपरांत सेवानिवृत्त विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स (सेवानिवृत्त अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी) को वित्त विभाग के परिपत्र अनुसार सातवें वेतनमान के अनुरूप पेंशन देने की स्वीकृति दी गई।

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