झारग्राम (21 मई 24)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को दावा किया कि लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के मतदान के बाद कांग्रेस और ‘इंडिया' गठबंधन की हार तय है और इसके बाद विपक्षी गठबंधन में टूट की शुरुआत हो जाएगी। पश्चिम बंगाल के झारग्राम में एक रैली में मोदी ने कांग्रेस नेताओं पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को छीनकर मुसलमानों को देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, 'पांचवें चरण के मतदान के बाद तृणमूल कांग्रेस और ‘इंडिया' गठबंधन हार गया है। चार जून (जब परिणाम घोषित किए जाएंगे) के बाद, विपक्षी गठबंधन का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। ‘इंडी' गठबंधन के टूट की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।' प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर एक सांप्रदायिक पार्टी होने का आरोप लगाया और कहा कि उसकी अभी भी मुस्लिम लीग जैसी विचार प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकार छीनकर मुसलमानों को आरक्षण का लाभ देना चाहती है। कांग्रेस के नेता 100 फीसदी सांप्रदायिक हैं। यह कांग्रेस का सच है, जिसे पार्टी और उसके इकोसिस्टम ने सालों तक देशवासियों के सामने नहीं आने दिया।'
उन्होंने कहा, ‘कई पत्रकारों ने हाल ही में मेरे साक्षात्कारों के दौरान मुझसे मुस्लिम आरक्षण के बारे में पूछा, लेकिन देखिए, कांग्रेस के ‘शहजादे' खुद अपने ही एक वीडियो में इस पर जोर दे रहे हैं।' सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो का हवाला देते हुए मोदी ने कहा, ‘एक तरफ मनमोहन सिंह ने कहा था कि भारत के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कांग्रेस के शहजादे कहते दिख रहे हैं कि कांग्रेस मुसलमानों को आरक्षण देगी।' प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के शहजादे (राहुल गांधी) का वीडियो देखा है, जो 11-12 साल पुराना है। उन्होंने कहा, ‘मैंने सोशल मीडिया पर कांग्रेस के शहजादे का वीडियो देखा। 11-12 साल पुराने इस वीडियो में कांग्रेस के शहजादे खुलेआम कह रहे हैं कि कांग्रेस मुसलमानों को आरक्षण देगी।'
उन्होंने कहा, 'यही है कांग्रेस की सच्चाई; वे मुसलमानों को आरक्षण देंगे और वह भी एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण छीनकर। 2024 के इस चुनाव में, मोदी ने कांग्रेस की मुस्लिम लीग की सोच का पर्दा हटा दिया है और उसे उजागर कर दिया है। ये लोग बेचैन क्यों हैं।' मोदी ने आरक्षण के मुद्दे पर ‘इंडिया' गठबंधन की आलोचना की और कहा कि वे धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने सवाल किया, 'बाबासाहेब आंबेडकर धर्म के आधार पर आरक्षण देने के खिलाफ थे। लेकिन अब, इंडिया गठबंधन धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहता है।'