जैसलमेर (22 दिसंबर 24)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि राज्य विमान टरबाइन ईंधन को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने पर सहमत नहीं हैं। उन्होंने यहां 55वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, 'राज्य इस बारे में सहज नहीं थे। वे एटीएफ नहीं चाहते थे, क्योंकि वे इसे कच्चे पेट्रोलियम-डीजल उत्पाद की श्रेणी में देखते हैं और इसलिए उन्होंने कहा कि इसे अकेले नहीं हटाया जा सकता। इसलिए इस पर यथास्थिति बनी हुई है।' इसके अलावा, उन्होंने कहा कि बीमा प्रीमियम पर जीएसटी में कमी के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, क्योंकि मंत्रियों के समूह (जीओ) को इस मुद्दे का अध्ययन करने के लिए अधिक समय की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि बीमा नियामक इरडा सहित कई पक्षों से सुझावों का इंतजार है। उन्होंने आगे कहा कि जीएसटी परिषद ने दर युक्तिकरण के संबंध में निर्णय को भी स्थगित कर दिया है, क्योंकि जीओएम को व्यापक अध्ययन के लिए अधिक समय की जरूरत है।
राजस्थान के जैसलमेर में हुई जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक से आम जनता को बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी घटाने का फैसला फिलहाल टल गया। मंत्रियों के समूह ने यह प्रस्ताव रखा था, लेकिन काउंसिल ने इसे और अधिक स्पष्टीकरण के लिए अगली बैठक तक टाल दिया। काउंसिल का कहना है कि इस प्रस्ताव पर और गहराई से विचार की जरूरत है। GOM को अपनी रिपोर्ट में अतिरिक्त जानकारी और स्पष्टता जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में हेल्थ इंश्योरेंस, टर्म लाइफ इंश्योरेंस और यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान पर 18% जीएसटी लगाया जाता है। पॉपकॉर्न और पुरानी कारों पर नई जीएसटी दरें- पॉपकॉर्न: मिक्स रेडी-टू-ईट (अनपैक्ड): 5% जीएसटी, प्री-पैकेज्ड और लेबल वाले: 12% जीएसटी और कैरेमेल पॉपकॉर्न: 18% जीएसटी लगेगा। साथ ही पुरानी छोटी पेट्रोल-इलेक्ट्रिक कारों (EV) की बिक्री पर जीएसटी को 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है। इस बैठक में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी घटाने का फैसला न होने से आम लोग निराश हैं, जो इस राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि, उम्मीद है कि अगली बैठक में इस पर चर्चा कर कोई निर्णय लिया जाएगा।