पटना (19 दिसंबर 25)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लिया गया है। हिजाब विवाद के बाद मिले खुफिया इनपुट को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि कुछ असामाजिक और आपराधिक तत्व मुख्यमंत्री को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा डीजीपी बिहार और एडीजी (स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप) स्तर पर की गई है। इस उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुरक्षा घेरे को पहले से अधिक सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अब मुख्यमंत्री के बेहद करीब केवल हाई प्रोफाइल और चुनिंदा लोगों को ही आने की अनुमति होगी। उनके आवास, कार्यक्रमों और मूवमेंट के दौरान लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा किया गया है। जानकारी के मुताबिक, स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप को मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम स्थलों पर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स की जांच, बैरिकेडिंग और सुरक्षा जांच को और मजबूत किया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के काफिले और यात्रा मार्गों की पहले से ज्यादा सघन निगरानी की जा रही है।
खबर है कि राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। सार्वजनिक कार्यक्रमों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सोशल मीडिया के जरिए धमकियां मिलने की भी जानकारी सामने आई है। इन्हीं इनपुट्स को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने खतरे की आशंका जताई है और उसी के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड किया गया है।