हरदा (01 अगस्त 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बलराम कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन न होकर किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का व्यापक अभियान है। यह किसानों का अपना कार्यक्रम है, किसान इसका अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी खेती को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती-किसानी को लाभदायी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कृषि उपज मण्डी प्रांगण हरदा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को जबलपुर से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भुआणा क्षेत्र की धरती शुरू से ही उपजाऊ रही है। हरदा कृषि क्षेत्र में नम्बर वन है। यहां नर्मदा जी का जल कृषि को और अधिक समृद्ध बनाता है। जिला मूंग, सोयाबीन, गेहूँ के उत्पादन के साथ हरी मिर्च के उत्पादन में भी अग्रणी बन रहा है। जिले के कोने-कोने तक सिंचाई का जल पहुँचाने के लिये कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों के हित में 16 विभागों की समन्वित कार्य योजना तैयार कर नियमित फसलों के अलावा दूध, मछली, पशु पालन, फल, सब्जी, मसाले, फूल एवं अन्य कृषि क्षेत्र में बेहतर उत्पादन के लिये कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती के अलावा कृषि क्षेत्र में नई-नई तकनीकी भी लाई जा रही है। किसानों को सहकारी समितियों में लेने वाले ऋणों पर ब्याज अब वर्ष में एक बार देना पड़ेगा। सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहित किये जाने पर अच्छे आर्थिक मुआवजे की व्यवस्था की गई है। बलराम कृषि महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिये प्रदर्शनी लगाई गई। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर अधिकारियों से विभागीय योजनाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकों व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी।