नईदिल्ली (09 अगस्त 24)। सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। इस मामले में सिसोदिया पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे, जिसके कारण उन्हें 16 महीने से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया। हालांकि, कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ यह जमानत दी है और मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी।
मनीष सिसोदिया को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा,'जमानत के मामले में हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट सुरक्षित खेल रहे हैं। सजा के तौर पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता। अब समय आ गया है कि अदालतें समझें कि जमानत एक नियम है और जेल एक अपवाद है। केंद्रीय एजेंसियों की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने अदालत के समक्ष सिसौदिया की जमानत याचिका का विरोध किया और मामले में सिसौदिया और अन्य आरोपी व्यक्तियों पर उन दस्तावेजों का निरीक्षण करने में पांच महीने का समय लगाकर मुकदमे में देरी करने का आरोप लगाया, जो इससे संबंधित नहीं थे। परीक्षण। सिसौदिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सिसौदिया को जमानत देने की दलील दी और केंद्रीय एजेंसियों के इस आरोप से इनकार किया कि मामलों की सुनवाई में देरी के लिए सिसौदिया जिम्मेदार थे।