जकार्ता (01 जून 25)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम को लेकर फैल रही भ्रांतियों पर शुक्रवार को कड़ा जवाब दिया। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में पत्रकारों से बात करते हुए खुर्शीद ने स्पष्ट कहा कि सीजफायर की पहल भारत ने नहीं, बल्कि पाकिस्तान ने की थी।उन्होंने इसे लेकर हो रही दूसरी चर्चाओं को 'पूरी तरह बकवास' करार दिया और बताया कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ को कॉल कर संघर्षविराम की मांग की, जब तक पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका था।
बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के ठिकानों पर हमले कर 100 से अधिक आतंकियों को ढेर कर दिया। हालांकि, कांग्रेस पार्टी के अंदर ही सीजफायर को लेकर सवाल उठते रहे हैं। राहुल गांधी ने कई मौकों पर दावा किया है कि भारत ने अमेरिका के दबाव में आकर सीजफायर किया, लेकिन खुर्शीद ने इस बयान को साफ तौर पर खारिज कर दिया। सलमान खुर्शीद ने कहा, 'किसी का यह कहना कि हमने पहले फोन किया, यह पूरी तरह बकवास है। जब कॉल आया, तब तक पाकिस्तान को भारी नुकसान हो चुका था। हमने हमला रोकने का निर्णय लिया, लेकिन बॉर्डर पर गोलीबारी तीन-चार घंटे तक चलती रही।' खुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान के पास न तो असैन्य सरकार का नियंत्रण है न ही सैन्य एकता। फौज के भीतर ही कई गुट आपस में ताकत की लड़ाई लड़ रहे हैं। सलमान खुर्शीद ने यह भी स्पष्ट किया कि वे और उनके साथी सांसद, चाहे किसी भी दल से हों, इस कूटनीतिक यात्रा में भारत के विचार का समर्थन कर रहे हैं, न कि किसी राजनीतिक पार्टी का। 'हम सत्ता पक्ष या विपक्ष से हैं, लेकिन यहां भारत की एकजुट आवाज बनकर आए हैं। हमारी एकमात्र और स्थायी मांग है -आतंकवाद छोड़ो पाकिस्तान।