ग्वालियर (16 जून 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत संगीत की नगरी ग्वालियर के ऐतिहासिक सागरताल के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य में श्रमदान कर ग्वालियरवासियों को जल संरचनायें सहेजने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ केन्द्रीय संचार मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश सरकार के मंत्रिगण सर्वश्री नारायण सिंह कुशवाह, तुलसीराम सिलावट व प्रद्युम्न सिंह तोमर तथा सांसद भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य जन-प्रतिनिधिगणों ने कतारबद्ध खड़े होकर सागरताल की साफ-सफाई के लिये श्रमदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ग्वालियर क्षेत्र का विकास प्रदेश सरकार के लिए विशेष महत्व रखता है। सरकार ग्वालियर-चंबल अंचल के विकास के लिये कटिबद्ध है। इस दिशा में जल्द ही 33 हजार करोड़ रूपए लागत की पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का भूमिपूजन किया जायेगा। इससे इस क्षेत्र के पेयजल व खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। साथ ही उद्योग धंधों के लिये नए-नए रास्ते खुलेंगे।
सागरताल पर आयोजित हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए लगभग 179 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। ग्वालियर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 210 करोड़ रूपए लागत के नवनिर्मित स्टेडियम सहित कुल मिलाकर लगभग 389 करोड़ रूपए की सौगातें दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागरताल पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत आयोजित हुई जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भिण्ड जिले से लेकर सम्पूर्ण बुन्देलखंड के सर्वांगीण विकास के लिये 43 हजार करोड़ रूपए लागत की केन-बेतवा लिंक परियोजना को मूर्तरूप दिया जायेगा। इसमें से 12 हजार 600 करोड़ रूपए के टेंडर हो चुके हैं।