नईदिल्ली (21अगस्त 26)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीतियां बनाने में नये दृष्टिकोण लाने के लिए सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच अधिक सहयोग का बृहस्पतिवार को आह्वान किया। मोदी ने युवा पीढ़ी तक पहुंचने की अपनी कोशिशों के तहत कहा कि इस तरह के व्यापक जुड़ाव से नए और अनोखे विचार सामने आ सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने सचिवों के साथ तीसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया और कोविड-19 महामारी तथा पश्चिम एशिया संकट के अनुभव का उल्लेख किया, जब अलग-अलग विभागों के अधिकारियों ने मिलकर काम किया था। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने नीति-निर्माण में नए नजरिए के लिए सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच अधिक संवाद का आह्वान किया। प्रधानमंत्री की ये टिप्पणियां पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक को लेकर हुए छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच आईं। छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के कारण धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। इन विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री ने स्वयं कई बार सोशल मीडिया के ज़रिए छात्रों को संदेश दिया।