Monday, 28 Sep 2026

सिंहस्थ महाकुंभ से उज्जैन बनेगा वैश्विक धार्मिक पर्यटन गंतव्य

भोपाल (20 जनवरी 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ महाकुंभ अद्भुत सामाजिक समागम है, इससे समाज की दिशा तय होती है। पहले लोग कुंभ के मेले में तय हुई दिशा को लेकर जाते थे और समाज में बदलाव के लिए काम करते थे। समय के साथ परंपराओं में बदलाव आया है, किन्तु हमें अपनी जड़ों और मूल्यों के महत्व को समझना होगा। धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित सिंहस्थ की तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी गई हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का भी मानना है कि कुंभ केवल एक मेला ही नहीं, अपितु विश्व को परंपराओं के नवोन्मेष की शिक्षा व संदेश देने वाले शानदार प्रबंधन का एक अद्भुत उदाहरण है। दुनिया को इसे केस स्टडी के तौर पर अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारियों में जुटी है, जिसमें विकास और अधोसंरचना के काम शुरू किये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है कि सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं को क्षिप्रा नदी के निर्मल जल में ही स्नान कराया जाए और क्षिप्रा नदी में स्वच्छ एवं शुद्ध जल का प्रवाह सदा के लिये सुनिश्चित कर उसे सही अर्थों में पुण्य-सलिला और सदानीरा बनाया जाए, साथ ही पारिस्थितिकी संतुलन भी बना रहे। संकल्प की पूर्ति के लिए उज्जैन में सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी, कान्ह क्लोज डक्ट एवं हरियाखेड़ी परियोजनाएं प्रारंभ की गई हैं और 18 बैराज एवं स्टॉप डेम बनाए जा रहे हैं। इससे क्षिप्रा नदी में पूरे वर्ष निर्मल जल प्रवहमान रहेगा, साथ ही उज्जैन को शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल भी उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ कुंभ के सफलआयोजन से उज़्जैन को एक प्रमुख वैश्विक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में भी स्थापित करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ के प्रत्येक पहलू के प्रभावी प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की महत्ता पर जोर दिया है। इसमें धर्मशालाओं का उन्नयन और निर्माण कार्यों के दौरान उज़्जैन, इंदौर और देवास जिलों में क्लीनलीनेस के साथ ही ग्रीनरी में सुधार शामिल है।

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