नईदिल्ली (22 मई 24)। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने संयुक्त परिचालन संरचनाओं का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए तीनों सेनाओं से एक संयुक्त संस्कृति का सृजन करने का आह्वान किया। आज नई दिल्ली में यूएसआई ऑफ इंडिया में आयोजित 22वें मेजर जनरल समीर सिन्हा स्मारक व्याख्यान के एक हिस्से के रूप में 'ज्वाइंटमैनशिप: द वे अहेड' विषय पर संबोधित करते हुए सीडीएस ने सशस्त्र बलों में संयुक्त संस्कृति विकसित करने को संयुक्तता 2.0 करार दिया, जो आगे बढ़ने का रास्ता है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने कहा, जॉइंटनेस 1.0 सेवाओं के बीच बेहतर सद्भाव और आम सहमति के बारे में था और कोई बड़ा मतभेद भी नहीं था, इसलिए संयुक्तता के अगले स्तर की ओर बढ़ने की प्रेरणा ही संयुक्तता 2.0 है। तीनों सेनाओं की विशिष्ट संस्कृति को मान्यता देते हुए सीडीएस ने इस बात पर जोर दिया कि सेवाओं में चौथी संस्कृति के सृजन की जरूरत है। यद्यपि संयुक्त संस्कृति सेवा विशिष्ट संस्कृति से भिन्न है, फिर भी प्रत्येक सेवा की विशिष्टता का सम्मान किए जाने की आवश्यकता है। सीडीएस ने कहा कि हमें प्रत्येक सेवा का सर्वश्रेष्ठ प्राप्त करने में सक्षम होना चाहिए और सबसे कम साझा भाजक के लिए समझौता करने की अपेक्षा उच्चतम सामान्य भाजक को शामिल करना चाहिए। उन्होंने सहजीवन की विभिन्न पहलों का उल्लेख किया, जिन्हें राष्ट्रीय कार्यक्रमों में तीनों सेनाओं की भागीदारी सहित संयुक्त संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।