Monday, 28 Sep 2026

सरकार वनस्पति तेलों पर बढ़ा सकती आयात शुल्क

नईदिल्ली (29 अगस्त 24)। किचन का बजट प्रभावित हो सकता है, क्योंकि सरकार वनस्पति तेलों के आयात पर शुल्क बढ़ाने की योजना बना रही है। यदि यह कदम उठाया जाता है, तो पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल जैसे विदेशी आयातित वनस्पति तेलों की लागत में वृद्धि हो सकती है। इससे घरेलू रसोई के बजट पर असर पड़ेगा, और उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। इस कदम से सरकार का उद्देश्य घरेलू तिलहन उत्पादकों को राहत प्रदान करना है, जिनकी आय कम कीमतों के कारण प्रभावित हो रही है। इससे आयातित तेलों की लागत बढ़ जाएगी, जिससे घरेलू उत्पादकों को बाजार में बेहतर स्थिति मिलने की उम्मीद है।

जुलाई में भारत में वनस्पति तेल का आयात 22.2 टन बढ़कर 19,000 टन तक पहुंच गया, जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा आयात है। वर्तमान में, भारत अपनी वनस्पति तेल की 70 प्रतिशत से अधिक मांग को आयात के माध्यम से पूरा करता है। इस बढ़ोतरी के चलते सरकार आयात शुल्क बढ़ाने पर विचार कर रही है, जो घरेलू किसानों को राहत देने का एक प्रयास हो सकता है। कंपनी मुख्य रूप से पाम तेल का आयात इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से करती है, जबकि सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का आयात अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन से किया जाता है। इस संदर्भ में एक प्रस्ताव कृषि मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत किया गया है, और अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय के वित्त विभाग द्वारा लिया जाएगा। जब इस मुद्दे पर किसी विभाग से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।


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