अयोध्या (25 नवंबर 25)। अयोध्या में राम मंदिर परिसर मंगलवार को एक ऐतिहासिक और दिव्य क्षण का साक्षी बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के आकाशचुंबी शिखर पर धर्मध्वजा का विधिवत आरोहण किया। लगभग दो किलो वजनी केसरिया ध्वजा जब 161 फीट ऊंचे शिखर पर लहराया, तो पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंज उठा।
इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ RSS प्रमुख मोहन भागवत, संत समाज और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। कई भक्तों की आंखें इस अद्भुत दृश्य को देखकर भावनाओं से भर आईं। पीएम मोदी ने इस ध्वजारोहण को भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण और सदियों पुराने घावों के भरने का प्रतीक बताया।रामलला के दर्शन से वंचित रहे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर ट्रस्ट ने राहत भरी घोषणा की है। आम भक्तों के लिए रामलला के दर्शन कल, 26 नवंबर से शुरू हो जाएंगे। आज केवल 7,500 विशेष आमंत्रित अतिथियों को ही दर्शन की अनुमति है। कल से कपाट आम लोगों के लिए खुल जाएंगे, ताकि देशभर से आने वाले भक्त रामलला के दर्शन कर सकें। अयोध्या में मंदिर की पूर्णता के इस ऐतिहासिक चरण के बाद अब लाखों भक्त रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। अयोध्या में राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह पर इज़रायल के भारत में राजदूत रयूवेन अज़ार ने हार्दिक बधाई दी और इसे 'भारत की प्राचीन सभ्यता के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक क्षण' बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर धर्म ध्वज का फहराना भारत की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत का शक्तिशाली प्रतीक है।