नईदिल्ली (15 जून 24)। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) चंडीगढ़ बैंच द्वारा विस्तारा एयरलाइन और टाटा समूह की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया को विलय की मंजूरी दिए जाने के बाद दोनों कंपनी ने विलय की प्रक्रिया शुरु कर दी है। इस बाबत विस्तारा एयरलाइन ने विलय को लेकर एक पब्लिक नोटिस भी जारी कर दिया है। जिसमें कंपनी की ओर से कहा गया है कि टाटा एसआईए एयरलाइंस लिमिटेड (ब्रांड नाम विस्तारा) जल्द ही टाटा समूह की बड़ी एयरलाइन, एयर इंडिया लिमिटेड का हिस्सा बन जाएगी। जिससे आपको एक बड़े बेड़े से जुड़े व्यापक वैश्विक नेटवर्क तक पहुंच मिल सकेगी।
उधर विल्सन और विस्तारा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद कन्नन के बयान के मुताबिक एयर इंडिया और विस्तारा का विलय संभवतः 2024 के अंत या 2025 की शुरुआत तक पूरा हो जाएगा। एनसीएलटी ने दोनों एयरलाइनों को अपने नेटवर्क, मानव संसाधन और बेड़े की तैनाती को एकीकृत करने की भी अनुमति दी है। विस्तारा टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड और सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड (एसआईए) का एक संयुक्त उद्यम है, जिसमें टाटा संस की भागीदारी में 51% हिस्सेदारी है और सिंगापुर एयरलाइंस की 49% हिस्सेदारी है।