नईदिल्ली (24 जुलाई 26)। नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सरकार ने विपक्ष पर नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में चर्चा के लिए पूर्व शर्त लगाकर इससे भागने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार तत्काल चर्चा को तैयार है और विपक्ष को बिना देरी के चर्चा शुरू करानी चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि विपक्ष से हाथ जोड़कर अनुरोध है कि चर्चा में भाग लें। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग पर अड़े हैं। आज सदन की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनसे प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद वह सदस्यों को उनकी बात रखने का अवसर देंगे। सदन में हंगामा थमते न देख बिरला ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। एक बार के स्थगन के बाद बैठक दो बजे शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, 'हमने कल भी अपील की और आज भी फिर से सदन से अपील कर रहे हैं कि नीट पेपर लीक मामले में चर्चा बिना विलंब के शुरू होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा तत्काल शुरू होनी चाहिए और विपक्ष जब यह चर्चा चाहे, जिस तारीख को चाहे और जितनी लंबी चर्चा करना चाहे, सरकार इसके लिए तैयार है।