Tuesday, 29 Sep 2026

वन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ेंगे: सीएम

भोपाल (24 अगस्त 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल, जंगल, वानस्पतिक संपदा और वन्यप्राणियों की रक्षा करने में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि परमेश्वर ने नैसर्गिक सुंदरता के साथ मध्यप्रदेश को वनों का अनुपम साम्राज्य दिया है। ये वन भारत और दुनियाभर में मध्यप्रदेश की पहचान हैं। हमारे वनकर्मी पूरी लगन से इसकी रक्षा करते हैं। प्रदेश के शासकीय सेवकों को पदोन्नति के फैसले का लाभ वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को भी मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन की सरकार है। सुशासन के लिए हर क्षेत्र में युवाओं की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति शासकीय सेवक का उसके काम के प्रति लगन और समर्पण का सम्मान है। वन विभाग के 4 हजार 506 शासकीय सेवकों को पदोन्नत किया गया है। सभी विभागों में कर्मचारियों को मिली पदोन्नति से मन संतोष से भरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन विभाग के लिए 25 हजार 389 पद स्वीकृत हैं। अभी 18 हजार से अधिक कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। हम वन प्रबंधन को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ना चाहते हैं। इसीलिए हमने पदोन्नति के साथ ही खाली हुए पदों को भरने के लिए नई भर्ती के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में वन विभाग में पदोन्नत शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा आयोजित आभार एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामनिवास रावत भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों को ‘प्रकृति पुत्र' और 'ग्रीन सोल्जर्स' की संज्ञा देते हुए कहा कि उनके बीच आकर मन हर्ष से भर गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को भारत जैसे मेगा-बायोडायवर्स देश और समृद्ध जैव-विविधता की विरासत मिली है। वन अमले के पुरुषार्थ से मध्यप्रदेश वन एवं वन्यजीव संरक्षण का रोल मॉडल बना है। प्रदेश की पहचान जल, जंगल और जीव से है और वन विभाग ने इनके संरक्षण में मिसाल कायम की है। इसी पुरुषार्थ के कारण मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट, घड़ियाल स्टेट, गिद्ध स्टेट और अब चीता स्टेट का गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति से वन विभाग में वर्षों के इंतजार का फल मिला है। जिन्हें पदोन्नति मिली है उनमें 188 सहायक वन संरक्षक, 2,821 वनपाल, 761 उप वन क्षेत्रपाल तथा अन्य संवर्ग के 736 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके परिजनों के सहयोग और त्याग के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

प्रमुख सचिव, वन राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दृढ़ इच्छाशक्ति के बलबूते अन्य विभागों की तरह वन विभाग में कुल 4 हजार 506 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। समारोह में पदोन्नत सहायक वन संरक्षक रजनीश शुक्ला ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पदोन्नति के निर्णय से विभाग के हजारों कर्मचारियों में काम के प्रति लगन और मेहनत की एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। पदोन्नत वनपाल दिनेश नागर, उप वन क्षेत्रपाल सीमा राजगौंड, वनपाल कल्पना गौड़ ने भी रक्षाबंधन से पहले उन्हें पदोन्नति का उपहार देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। पदोन्नत वनपाल रामदास सोलंकी ने कहा कि उसकी पदोन्नति से उसके समाज, परिवार और रिश्तेदारों में बेहद खुशी का माहौल है। कार्यक्रम के अंत में विभाग द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) अजय यादव सहित विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं पदोन्नत अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


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