नईदिल्ली (31 जुलाई 24)। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पेश किया गया 48.21 लाख करोड़ का बजट मंगलवार को लोकसभा से पास हो गया। इससे पहले बजट 2024 पर करीब 27 घंटे से अधिक चर्चा हुई। इसमें 125 सदस्यों ने भाग लिया। बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नौंकझौंक भी देखने को मिली। एक तरफ विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि दो राज्यों के सिवाय बजट में किसी अन्य राज्य को कुछ नहीं दिया गया। चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
सीतारमण ने महंगाई, किसानों के मुद्दे, अग्निवीर और एससी/एसटी समेत राज्यों को लेकर हुई तीखी बहस पर पलटवार करते हुए यूपीए सरकार के दौर को याद किया। इतना ही नहीं विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा हलवा सेरेमनी को लेकर उठाए गए सवाल पर भी कांग्रेस को जमकर कोसा। सीतारमण ने तुलनात्मक आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि महंगाई पर नियंत्रण हो या राजकोषीय घाटे में कमी, पूंजीगत खर्च हो या रोजगार सृजन, क्षेत्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का प्रदर्शन कांग्रेस नीत सरकारों से बेहतर रहा है। उन्होंने कहा कि बजट भाषण में किसी राज्य के नाम का उल्लेख नहीं हो पाने का अर्थ यह नहीं है कि उसके लिए बजट में कुछ दिया ही नहीं गया है।
वित्त मंत्री ने 2009-10 के बजट भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें 26 राज्यों का नाम नहीं लिया गया था। वित्त मंत्री अग्निवीर योजना और देश के उद्यमियों पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों द्वारा किए जा रहे हमलों को किसी ‘षडयंत्र' का हिस्सा बताते हुए कहा कि सेना की ताकत उसकी एकता और अनुशासन है, लेकिन विपक्ष अग्निवीर योजना पर जिस तरह लगातार बेबुनियाद हमला कर उसे कमजोर करने का प्रयास कर रहा है वह खेदजनक है और किन्हीं ताकतों का हिस्सा लगता है।