नईदिल्ली (06 नवंबर 24)। प्रख्यात लोक गायिका शारदा सिन्हा का मंगलवार रात दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह 72 वर्ष की थीं। सिन्हा को पिछले महीने एम्स के कैंसर संस्थान, इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्पिटल (आईआरसीएच) की गहन देखभाल इकाई में भर्ती कराया गया था। एम्स के एक अधिकारी ने बताया, ‘शारदा सिन्हा का सेप्टीसीमिया के कारण ‘रिफ्रैक्टरी शॉक' के चलते रात नौ बजकर 20 मिनट पर निधन हो गया।' शारदा सिन्हा ने भोजपुरी, मैथिली और मगही भाषाओं में लोकगीत गाए थे और वह पद्म भूषण से भी सम्मानित थीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रख्यात लोक गायिका शारदा के निधन पर शोक जताया और कहा कि उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनके गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से बेहद लोकप्रिय रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज भी सदैव बनी रहेगी। उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!' कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी शारदा सिन्हा के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘बिहार कोकिला के नाम से मशहूर व पद्म भूषण से सम्मानित, सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन का समाचार दुःखद है।'