नईदिल्ली (10 फरवरी 26)। पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (रिटायर्ड) की प्रस्तावित आत्मकथा ‘Four Stars of Destiny’ लॉन्च से पहले ही बड़े विवाद में घिर गई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 9 फरवरी 2026 को इस किताब की प्री-प्रिंट कॉपी के कथित लीक होने के मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर किताब की PDF कॉपी और कवर इमेज सार्वजनिक रूप से साझा की जा रही थी, जबकि इस पुस्तक को अभी तक सरकारी स्तर पर आवश्यक मंजूरी नहीं मिली है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किताब का टाइपसेट वर्जन कई वेबसाइट्स और फोरम्स पर उपलब्ध कराया गया। कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स पर इसे बिक्री के लिए तैयार किताब की तरह प्रमोट किया जा रहा था। प्रकाशक Penguin Random House India से जुड़ी सामग्री भी ऑनलाइन दिखी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर स्पेशल सेल यह पता लगाने में जुटी है कि लीक किसने किया, कहां से किया और किस मकसद से फैलाया गया। सूत्रों के अनुसार किताब को अभी तक रक्षा मंत्रालय / सेना से अनिवार्य NOC नहीं मिली है। यह मंजूरी 2024 से लंबित बताई जा रही है। वजह यह मानी जा रही है कि किताब में लद्दाख सीमा तनाव, चीन के साथ टकराव और सैन्य फैसलों से जुड़ी संवेदनशील बातें हो सकती हैं। बिना क्लियरेंस किसी सैन्य आत्मकथा का सार्वजनिक होना। राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।
यह मामला उस वक्त और गरमा गया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बजट सत्र के दौरान इस किताब का जिक्र सदन में किया। राहुल गांधी ने दावा किया कि किताब में लिखा है जब चीन की ओर से सैन्य दबाव बढ़ रहा था, तब शीर्ष स्तर पर स्पष्ट राजनीतिक निर्देशों की कमी थी। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि प्रधानमंत्री सदन में आएंगे तो वह यह किताब उन्हें भेंट करेंगे। सरकार की ओर से इस दावे को भ्रामक और असत्य बताया गया और किताब को अभी अप्रकाशित दस्तावेज करार दिया गया। किताब को लेकर चल रहे इस पूरे घटनाक्रम परजनरल एमएम नरवणे ने अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक ओर जहां मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रकाशन नियमों से जुड़ा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यहराजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बन चुका है। अब सबकी नजरें दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट और सरकारी मंजूरी के अगले फैसले पर टिकी हैं।