नईदिल्ली (11 अगस्त 26)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए और उनके इस्तीफे की मांग की। एक समाचार पत्र में छपे एक लेख को शेयर करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह की चुप्पी हिंसा को मंज़ूरी देने जैसा है।
X पर एक पोस्ट में गांधी ने लिखा, 'छात्र शांति से अपने भविष्य के बारे में सवाल पूछ रहे थे, उन पर पैलेट गन चलाई गईं, कील लगी लाठियां बरसाई गईं और आंसू गैस छोड़ी गई। महिला छात्रों को पुलिस ने पीटा, कई के प्राइवेट पार्ट्स पर चोटें आईं। नाबालिगों की हड्डियां टूटीं। मोदी सरकार सवालों का जवाब इसी तरह देती है। और गृह मंत्री?' उन्होंने आगे कहा, 'लगभग 20 दिन बीत चुके हैं और अमित शाह संसद में इसका जवाब देने नहीं आए हैं। चर्चा के लिए विपक्ष के हर प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। उनकी चुप्पी कोई चूक नहीं है - यह हिंसा को मंज़ूरी देना है। वे या तो दोषी हैं या फिर अक्षम। हम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हैं। और जब तक उन्हें जवाबदेह नहीं ठहराया जाता, हम लड़ना बंद नहीं करेंगे।' लेख में कांग्रेस नेता ने घायल प्रदर्शनकारियों से अपनी मुलाकात का ज़िक्र किया। केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने तर्क दिया कि सरकार में सत्ता 'केंद्रीकृत' है और 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर तैनात सुरक्षा बल गृह मंत्री को रिपोर्ट करते थे। उन्होंने दो संभावनाओं का ज़िक्र किया: एक यह कि अमित शाह ने पुलिस कार्रवाई का आदेश दिया और दूसरी यह कि उन्हें 'पता ही नहीं था कि ऐसा कुछ हो रहा है।' राहुल गांधी ने लिखा, 'नरेंद्र मोदी सरकार अपने केंद्रीकृत नियंत्रण पर गर्व करती है। चाहे मंगल मिशन हो या ओलंपिक मेडल, वे बार-बार कहते हैं कि इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जाता है। उनकी मंज़ूरी के बिना कुछ नहीं होता।'