मधुबनी (27 अगस्त 25)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह ने देश में 40-50 साल तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बने रहने संबंधी बयान इसलिए दिया था क्योंकि ये लोग ‘वोट चोरी' करते हैं। उन्होंने ‘वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान मधुबनी में एक सभा को संबोधित करते हुए यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी निर्वाचन आयुक्तों का चयन करते हैं और चुनावों की तारीखें, निर्वाचन आयोग नहीं, बल्कि भाजपा तय करती है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘कुछ साल पहले अमित शाह ने कई बार यह बयान दिया कि भाजपा की सरकार 40-50 साल तक रहेगी। पहले ये बयान अजीब लगा, अमित शाह को कैसे पता कि 40-50 साल तक सरकार चलेगी। अब सच्चाई सामने आ गई है।' उन्होंने दावा किया कि अमित शाह ऐसा इसलिए कह पा रहे थे, क्योंकि ये लोग ‘वोट चोरी' करते हैं। राहुल गांधी ने कहा, ‘वोट की चोरी पहले गुजरात में शुरू हुई और फिर 2014 में देश में दूसरे हिस्सों में शुरू हो गईं। ये लोग चुन-चुनकर राज्य जितवाते और हरवाते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी तय करते हैं कि निर्वाचन आयुक्त कौन बनेगा और इसमें विपक्ष के नेता की एक नहीं सुनी जाती। राहुल गांधी का कहना था, ‘2023 में भाजपा ने नया कानून बनाया कि निर्वाचन आयुक्त पर कोई मामला दर्ज नहीं किया जा सकता। सवाल है कि ऐसा कानून क्यों बनाया गया? जवाब है- 'वोट चोरी' करवाने के लिए। उनका कहना था, ‘मेरे 'वोट चोरी' से संबंधित संवाददाता सम्मेलन पर नरेन्द्र मोदी और अमित शाह ने कुछ नहीं कहा। ऐसा इसलिए क्योंकि जब चोर पकड़ा जाता है तो वह बिल्कुल चुप हो जाता है। उसे पता चल जाता है कि मैं तो फंस गया, अब पकड़ लिया गया हूं।' कांग्रेस नेता ने दावा किया कि वोट का अधिकार छिन जाने के बाद लोगों को कोई दूसरा अधिकार नहीं मिल सकेगा। उन्होंने कहा, ‘संविधान में लिखा है कि हिंदुस्तान के हर नागरिक को एक वोट मिलेगा। अंबानी का बेटा हो या देश का गरीब युवा, दोनों को एक समान वोट मिलता है। बानी जैसे पूंजीपतियों को वोट की जरूरत नहीं है, बैंक के दरवाजे उनके लिए खुले हैं, उनका कर्ज माफ हो जाता है।' राहुल गांधी ने कहा, ‘देश में वोट की जरूरत गरीबों को है, क्योंकि इसके बिना आपको कोई अधिकार नहीं मिल सकता।'