इंदौर (03 सितंबर 26)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 12 सितंबर को इंदौर के नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित छात्रों की गूंज कार्यक्रम अब 19 सितंबर को प्रस्तावित किया गया है। कार्यक्रम के लिए नगर निगम से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन निगम अधिकारियों ने नेहरू स्टेडियम को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि पहले न्यायालय के निदेर्शों का अध्ययन किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पदाधिकारियों और कार्यकतार्ओं की एक बैठक भी रखी। जिसमें यह तय किया गया कि आगामी कार्यक्रम के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव से अनुमति मांगी जाएगी।
राहुल गांधी के इंदौर आने को लेकर कांग्रेस ने कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी थीं, लेकिन नगर निगम केी तरफ से नेहरु स्टेडियम में कार्यक्रम किए जाने को लेकर अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश का अध्ययन करने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस तरह के आयोजन के लिए अनुमति दी जा सकती है या नहीं। नगर निगम के अनुसार नेहरू स्टेडियम का उपयोग मुख्य रूप से खेल गतिविधियों और 26 जनवरी जैसे राज्य स्तरीय सरकारी कार्यक्रमों के लिए किया जाता है। छात्रों की गूंज जैसे राजनीतिक आयोजन के लिए स्टेडियम के उपयोग को लेकर निगम के नियम और न्यायालय के निदेर्शों का अध्ययन किया जाना है। हालांकि इसी बीच कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जिस स्टेडियम में राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए अनुमति को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया जा रहा है, उसी स्थान पर पहले अन्य बड़े आयोजन हो चुके हैं। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस नेता रीजनल पार्क के पास आयोजन किए जाने को भी विकल्प के तौर पर देख रहे हैं, लेकिन खास बात यह है कि वह जगह भी आईडीए की है। ऐसे में उस जगह पर भी कांग्रेस अपना कार्यक्रम कर पाएगी यह भी अभी स्पष्ट नहीं है।
पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि नगर निगम आयुक्त और महापौर दोनों हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दे रहे हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस मामले में और किस तारीख को हाईकोर्ट ने नेहरू स्टेडियम के उपयोग को लेकर आदेश दिया था। निगम की ओर से आदेश की प्रति या उसका विस्तृत विवरण भी सार्वजनिक रूप से नहीं बताया गया है। इंदौर के नेहरू स्टेडियम के उपयोग को लेकर उच्च न्यायालय के निर्देश हैं कि इस स्टेडियम में केवल खेल गतिविधियों या राज्य स्तरीय शासकीय (सरकारी) कार्यक्रमों का ही आयोजन किया जा सकता है। नगर निगम या स्थानीय प्रशासन सीधे तौर पर किसी भी राजनीतिक दल या अन्य संस्था को इस मैदान पर कार्यक्रम करने की अनुमति देने में असमर्थ हैं। यदि किसी अन्य प्रकार का आयोजन किया जाना है, तो उसके लिए संबंधित आयोजकों को हाईकोर्ट से विशेष अनुमति लेनी होगी, क्योंकि निगम नियमों के तहत सीधे अनुमति नहीं दे सकता।