नईदिल्ली (12 जून 24)। राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग ने अपने चौथे स्थापना दिवस को चिह्नित करने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और शिक्षा मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ के सहयोग से एएसयूएस (माइंड टू मार्केट फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिंस (आईएसएम) में अधिकारों और नवीनताओं की रक्षा करने के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'प्राण' का आयोजन किया।
राष्ट्रीय सम्मेलन के दो दिवसीय सेमिनार में बड़ी संख्या में ऐसे नवाचार शामिल रहे, जिनमें पेटेंट होने और व्यावसायीकरण होने की क्षमता है या जो इन पेटेंट प्राप्त वस्तुओं की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए उपयुक्त हो सकते हैं। इस सम्मेलन में आईएसएम में नवाचारों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
आयुष मंत्रालय में सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा कल आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मंच पर इस तरह की चर्चा करने का यह सही समय है क्योंकि यह देश भर के शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से भारतीय चिकित्सा प्रणालियों, आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा को बढ़ावा देता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आईएसएम में नवाचारों की संभावना बहुत अधिक है।