नईदिल्ली (04 दिसंबर 24)। प्राकृतिक तेल एवं गैस उत्खन्न के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने सहित इस क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान के उद्देश्य से लाए गए तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास) संशोधन विधेयक 2024 को मंगलवार को राज्यसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन में इस विधेयक पर हुई चर्चा का जबाव देते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस क्षेत्र में बड़े निवेश की जरूरत होती है। गहरे समुद्र में एक तेल का कुंआ बनाने पर 10 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश करना पड़ता है। इसके साथ ही जो कंपनियां इतना बड़ा निवेश करेगी वह यहां खैरात के लिए नहीं करेगी। उसे भी अपने निवेश पर लाभ चाहिए होता है। इस सबको ध्यान में रखते हुये यह संशोधन लाया गया है। इसका मकसद इस क्षेत्र के लिए स्थिर कानून, विवाद निपटरा, एकल लीज आदि की वैधानिक व्यवस्था करना है। इससे किसी भी राज्य सरकार का अधिकार नहीं छीना जा रहा है क्योंकि तेल क्षेत्र के आवंटन और उस पर रॉयल्टी का अधिकार राज्यों के पास ही है। हरदीप पुरी ने कहा कि वर्ष 2006 में दुनिया की प्रमुख तेल कंपनियां भारत आई थी, लेकिन 2010 तक सबने देश को छोड़ दिया। अब फिर से सरकार दुनिया की पांच बड़ी तेल कंपनियों को देश में लाना चाह रही है और इसी को ध्यान में रखते हुए कानून में संशोधन किया गया है। उन्होंने चर्चा के दौरान सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का जबाव देते हुए कहा कि देश में सात नहीं बल्कि 72 दिनों के लिए अपात तेल भंडार है।