बीकानेर (28 मई 26)। भारत-पाकिस्तान सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर, राजस्थान के सीमावर्ती ज़िलों में घुसपैठ, अवैध गतिविधियों, साइबर अपराध और सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए एक व्यापक '360-डिग्री सुरक्षा योजना' तैयार की गई है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बीकानेर में सुरक्षा समीक्षा की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान से सटे राजस्थान के सीमावर्ती ज़िलों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।
बैठक के दौरान, घुसपैठ, अवैध गतिविधियों, साइबर अपराध और सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए एक विस्तृत '360-डिग्री सुरक्षा योजना' तैयार की गई। इस चर्चा में सीमा सुरक्षा बल' नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, राजस्थान पुलिस और अन्य राज्य व केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। राजस्थान के पाँच सीमावर्ती ज़िलों के ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी इस बैठक में उपस्थित थे। गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भारत-पाकिस्तान सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में होने वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ 'शून्य सहनशीलता' की सख्त नीति अपनाएँ। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे उन सभी अनाधिकृत ढाँचों की तत्काल पहचान करें और उन्हें ध्वस्त कर दें, जिनसे सुरक्षा को किसी भी प्रकार का खतरा हो सकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।