इंदौर (22 दिसंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में रविवार को गाँधी हाल में आयोजित मालवा के सांस्कृतिक कार्यक्रम लिट चौक टॉक शो में शामिल हुए। टॉक-शो में चर्चा का विषय था- 'मोहन का धर्म : राजधर्म'। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ पत्रकार और एंकर अनंत विजय द्वारा कला, साहित्य, विकास, फिल्म आदि के बारे में पूछे गये सवालों का सिलसिलेवार उत्तर दिया। इस दौरान उपस्थित युवा जन मुख्यमंत्री की हाजिर जवाबी और विषय विशेषज्ञता के कायल हो गये। 'लिट चौक' के आयोजक निखिल दुबे और सुश्री धरा पाण्डे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया।
एंकर अनंत विजय ने सबसे पहला सवाल किया कि आपकी नजर में कुटुम्ब प्रबोधन क्या है? इस प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संयुक्त परिवार भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। संयुक्त परिवार में अमरता होती है। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि संयुक्त परिवार में रहने से आपसी प्रेम, सहयोग और संस्कारों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के सभी जीव, पेड़-पौधे सभी संयुक्त परिवार ही हैं, जो एक-दूसरे के सहारे अपना जीवन यापन करते हैं। जिस प्रकार पेड़ हमसे कार्बन डाईऑक्साइड लेते हैं और हमें ऑक्सीजन देते हैं, उसी तरह प्रकृति में सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त परिवार में बड़ों से संस्कार, अनुभव और जीवन मूल्यों की सीख मिलती है। उन्होंने संयुक्त परिवार प्रणाली को समाज को जोड़ने वाली परंपरा बताते हुए इसे बनाए रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और एंकर अनंत विजय के मध्य सवाल-जवाबों का सिलसिला लगातार चलता रहा। श्री अनंत ने मुख्यमंत्री से अपने बेटे का विवाह सामूहिक सम्मेलन में करने, प्रदेश में सिनेमा नीति और रंगमंच को लेकर किये जा रहे कार्य, राजनीति में युवाओं की भूमिका, युवाओं में देशभक्ति की भावना, विकास में युवाओं से अपेक्षाएं जैसे कई विषयों पर सवाल किये। जिनके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेबाकी से जवाब दिये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि युवा अपनी कर्मठता, क्षमता और बुद्धिमता के बल पर जिस क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, आगे बढ़े और प्रदेश के विकास में अपना योगदान दें। डॉ. यादव ने कहा कि आज युवाओं से पूछने पर हर कोई कहता है कि वह डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर बनना चाहता है, परंतु कोई यह नहीं कहता कि वह राजनीति में आना चाहता है। देश को आजादी दिलाने में सबसे अधिक युवाओं ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का उदाहरण देते हुए बताया कि वे पहले युवा थे जिन्होंने आईएएस की परीक्षा प्रावीण्य सूची में उत्तीर्ण की थी। इसके बाद भी उन्होंने देशसेवा को चुना। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि राजनीति में युवाओं को आना पड़ेगा, तभी देश के लोकतंत्र को मजबूत और सुरक्षित रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से कहा कि जो भी काम करें, उसे पूरी ईमानदारी और तन्मयता से करें, उस कार्य में डूब जायें।