नईदिल्ली (27 अप्रैल 24)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में उनकी ‘अवैध गिरफ्तारी' स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तथा संघवाद पर आधारित लोकतंत्र के सिद्धांतों पर अभूतपूर्व हमला है। मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका के संबंध में ईडी के हलफनामे पर केजरीवाल ने जवाब दाखिल किया है। केजरीवाल ने कहा कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जब आदर्श आचार संहिता लागू है, तब उनकी गिरफ्तारी का तरीका और समय एजेंसी की ‘मनमानी' के बारे में बहुत कुछ बताता है।
केजरीवाल ने दावा किया कि यह एक ‘सटीक मामला' है कि कैसे केंद्र ने आम आदमी पार्टी (आप) और उसके नेताओं को ‘कुचलने' के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इसकी व्यापक शक्तियों का दुरुपयोग किया है।