भोपाल (06 सितंबर 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अतिवृष्टि की वजह से कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसे में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। कठिनाई की इस घड़ी में शासन, प्रशासन, तहसील का हर अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करें। किसी भी नागरिक को संकट में अकेला न छोड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड, फील्ड अधिकारी, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एजेंसीज प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने तक बेहद सजग रहें, सर्तक रहें, सावधान रहें और किसी भी परिस्थिति को हैंडल करने के लिए तैयार रहें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को होमगार्ड कार्यालय के एसडीआरएफ स्टेट कमांड सेन्टर पहुंचकर प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बात की। उन्होंने बैठक में सभी से उनके जिलों में वर्षा की स्थिति की जानकारी भी ली। डॉ. यादव ने कहा कि यदि कहीं बाढ़ का पानी घरों तक आ गया है तो प्रभावितों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचायें और सभी प्रभावितों को तत्काल खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान उपलब्ध कराएं। साथ ही इन्हें शासन की ओर से नियमानुसार राहत राशि भी दिलायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के जरिए ही प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चलायें जा रहे रेस्क्यू का लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना, गुना, रीवा, सतना और पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में अतिवृष्टि के कारण उपजी परिस्थतियों पर सीधे पुलिस अधीक्षकों, होमगार्ड और बचाव दल के अधिकारियों से बात की। बताया गया कि पन्ना की किलकिला नदी में आई बाढ़ के कारण यहां स्टेट डिसेस्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स (एसडीईआरएफ) द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय कुमार शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, एडीजी होमगार्ड सुश्री प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी इंटेलीजेंस अंशुमन यादव, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, एसडीईआरएफ के स्टेट हेड सहित सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।