Tuesday, 06 Oct 2026

मप्र में 10 एयरपोर्ट, सभी विधानसभा क्षेत्रों में हेलीपैड भी

भोपाल (06 अक्टूबर 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में विमानन सेवाओं और अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नागरिकों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ ही आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने के लिए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड के नेटवर्क का नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में एयरपोर्ट बढ़कर 8 हो गए हैं और शीघ्र ही इनकी संख्‍या 10 हो जाएगी। इसी तरह से प्रदेश से अंतर्राष्‍ट्रीय उड़ानों की संख्‍या भी निरंतर बढ़ रही है। पहले दुबई और अब अबूधाबी के साथ इंदौर का हवाई संपर्क स्‍थापित हुआ है। सिंहस्‍थ-2028 के लिये भी दताना-मताना एयरपोर्ट का विस्‍तार हो रहा है। नए एयरपोर्ट के विकास, सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड का निर्माण और पीएमश्री एयर एम्बुलेंस एवं पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से प्रदेश में हवाई सुविधाएं अधिक सुगम और व्यापक हो रही हैं।

मध्यप्रदेश में वर्तमान में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और 220 हेलीपैड हैं। वर्ष 2023-24 में प्रदेश में 5 प्रमुख एयरपोर्ट इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो संचालित थे। वर्ष 2024-25 में रीवा, दतिया और सतना को जोड़कर एयरपोर्ट की संख्या 8 हो गई है। उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट के विकास का कार्य प्रगति पर है। प्रदेश में हवाई सुविधाओं को और व्यापक बनाने के लिए हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर हेलीपैड विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना है। प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट के विकास की स्वीकृति केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही उड़ान योजना अंतर्गत प्रदेश की 10 एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।

प्रदेश में विमानन और वायु सेवाओं का विकास हो रहा है तथा राज्‍य शासन को नया शासकीय विमान मिल रहा है। देश में कई राज्‍यों जैसे- उत्‍तर प्रदेश, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, जम्‍मू कश्‍मीर, छत्‍तीसगढ़ इत्‍यादि में स्‍वयं के विमान ‍एवं हेलीकॉप्‍टर हैं। भौगोलिक दृष्टि से बड़ा राज्‍य होने के कारण मध्‍यप्रदेश में त्‍वरित पहुँच एवं आकस्मिक परिस्थितियों में विमान एवं हेलीकॉप्‍टर की तुलनात्‍मक रूप से अधिक आवश्‍यकता रहती है। कोविड-19 के दौरान प्रदेश सरकार का विमान कोविड की अत्‍यन्‍त महत्‍वपूर्ण दवा रेमडेसिविर को प्रदेश के विभिन्‍न स्‍थानों में ले जाते हुए ग्‍वालियर में क्षतिग्रस्‍त हो गया था। इसके बाद से लगातार चार्टर्ड (किराये) के विमान का उपयोग किया जा रहा है। शासकीय विमान आने से राज्य सरकार का व्‍यय प्रतिमाह एक तिहाई ही रह जाएगा।

प्रदेश में 29 मई 2024 से पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। आयुष्मान कार्डधारियों को प्रदेश में और प्रदेश से बाहर शासकीय और आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों तक निःशुल्क हवाई परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। गैर-आयुष्मान हितग्राहियों को प्रदेश के शासकीय अस्पताल तक निःशुल्क और प्रदेश के बाहर निर्धारित दरों पर सेवा उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश में परिवहन के लिए जिला कलेक्टर और प्रदेश के बाहर परिवहन के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालक की अनुमति की आवश्यकता होगी। भुगतान वाले मामलों में स्वास्थ्य सेवा संचालनालय के माध्यम से उपलब्धता के आधार पर सेवा दी जाती है। अब तक 186 मरीजों एवं दुर्घटना पीड़ितों को इस सेवा का लाभ दिया गया है।

पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के माध्यम से पर्यटकों को प्रदेश में आस्था, विरासत और प्रकृति के सुगम दर्शन कराए जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर तीन वर्ष के अनुबंध के तहत पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत आधुनिक सिंगल एवं ट्विन इंजन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से न्यूनतम 6 सीटों की सुविधा उपलब्ध है। आध्यात्मिक पर्यटन के लिए इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर, हेरिटेज पर्यटन के लिए भोपाल-चंदेरी-ओरछा तथा वाइल्ड लाइफ पर्यटन के लिए जबलपुर-मैहर-चित्रकूट-कान्हा-बांधवगढ़ सेक्टर निर्धारित किए गए हैं। चंदेरी और ओरछा में जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध है। अब तक 5,200 से अधिक यात्रियों ने हेली सेवा का उपयोग किया है, जबकि 680 से अधिक जॉय राइड संचालित की जा चुकी हैं। ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा flyola.in और transbharat.in के माध्यम से उपलब्ध है।

इंदौर से अबूधाबी के बीच सीधी उड़ान मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित प्रदेश की पहली अंतर्राष्ट्रीय उड़ान है। लगभग 3 घंटे 15 मिनट की इस सीधी उड़ान से अबूधाबी के साथ हवाई संपर्क स्थापित हुआ है। इससे विकास, व्यापार, पर्यटन और वैश्विक निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास आरसीएस उड़ान 5.2 के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में 1,800 मीटर लंबा रनवे विकसित किया जा रहा है, जिसे भविष्य में 2,700 मीटर तक बढ़ाया जाएगा। सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत यह एयरपोर्ट महत्वपूर्ण होगा। उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट का कार्य पूर्ण होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या 10 हो जाएगी।

मध्यप्रदेश में एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप्स, हेलीपैड और नए हवाई मार्गों के विस्तार के साथ प्रदेश के विभिन्न अंचलों को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। शासकीय हवाई बेड़े में शामिल होने जा रहा नया विमान, उज्जैन में दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास, नए एयरपोर्ट एवं एयरस्ट्रिप्स का विस्तार, सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड तथा मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के प्रावधान प्रदेश के विमानन नेटवर्क को व्यापक आधार प्रदान कर रहे हैं। सिंहस्थ-2028 सहित प्रदेश में बढ़ती विकास गतिविधियों के दृष्टिगत हवाई अधोसंरचना का यह विस्तार प्रदेश में हवाई संपर्क को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार उपलब्ध करा रहा है।

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