भोपाल (30 सितंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का निवेश के लिए अगला पड़ाव नार्थ-ईस्ट के राज्य होंगे, जहां वे 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज़ में उद्योग जगत और निवेशकों के साथ सीधे संवाद करेंगे। यह सेशन उत्तर–पूर्व के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों और नए सेक्टरों के निवेश को मध्यप्रदेश से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। फार्मास्यूटिकल, चाय, सीमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों के उद्योगपति इस मंच पर शामिल होंगे, जिससे दोनों क्षेत्रों में साझेदारी, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
गुवाहाटी फार्मा उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जहां सन फार्मा, अल्केम और अजंता जैसी बड़ी इकाइयां सक्रिय हैं। इसके साथ ही सीमेंट, पेट्रोकेमिकल्स, चाय उद्योग, पर्यटन और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और कृषि–प्रसंस्करण के क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। डिब्रूगढ़ में ऑईल इंडिया का मुख्यालय और भारत पेट्रो केमिकल लिमिटेड (बीपीसीएल) के प्रमुख प्रोजेक्ट हैं, तिनसुकिया चाय बागानों और लॉजिस्टिक्स का केंद्र है, जबकि जोरहाट चाय अनुसंधान और प्लांटेशन का केंद्र माना जाता है। शिवसागर और नाज़िरा में ONGC के प्रमुख ऐसेट हैं और नामरूप में असम पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड की गतिविधियां चल रही हैं। मध्यप्रदेश की निवेशक हितैषी नीतियां, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी उत्तर–पूर्व के इन उद्योगों के साथ जुड़कर निवेशकों को भरोसा और अवसर दोनों प्रदान करेंगी। गुवाहाटी के साथ–साथ डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहाट, शिवसागर और नामरूप के प्रतिनिधि इस सेशन में शामिल होंगे। शिलांग, अगरतला, आइजोल, इंफाल और कोहिमा/दीमापुर जैसे अन्य उत्तर–पूर्वी राज्यों के उद्योगपति भी इस संवाद में शामिल होंगे।